Radha Ashtami 2025: व्रत, कथा और घर पर कैसे करें पूजा

भक्ति, प्रेम और समर्पण का पावन पर्व, जानिए इसकी तिथि, महत्व और खास उत्सव।

राधा अष्टमी 2025 रविवार , ३1 अगस्त को मनाई जाएगी।

अष्टमी तिथि प्रारंभ: 31 अगस्त , सुबह 06:04 बजे | अष्टमी तिथि समाप्त: 1 सितम्बर, प्रातः 03:41 बजे

राधा रानी भक्ति, प्रेम और करुणा की प्रतिमूर्ति हैं। उनकी पूजा करने से सुख, शांति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

राधा रानी का जन्म बृजभूमि के बरसाना में हुआ। कहते हैं उन्होंने पहली बार श्रीकृष्ण को देखकर अपनी आंखें खोलीं।

भक्तजन इस दिन व्रत रखते हैं, पंचामृत स्नान, भजन-कीर्तन और राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं।

बरसाना के श्रीजी मंदिर में विशेष श्रृंगार, झांकियां और भव्य शोभा यात्रा निकाली जाती है। हजारों श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं।

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर, प्रेम मंदिर और राधा वल्लभ मंदिर में अद्भुत सजावट और भक्ति संध्या का आयोजन होता है।

घर पर भी राधा अष्टमी मनाई जा सकती है –पंचामृत स्नान, पुष्प अर्पण, भजन और कथा पाठ करके।

राधा अष्टमी हमें सिखाती है –जहाँ शुद्ध भक्ति होती है, वहाँ श्रीकृष्ण स्वयं प्रकट होते हैं।